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मैं ऐंसा ही हूँ |THE POWER OF CHANGE Personal Development 

मैं ऐंसा ही हूँ |THE POWER OF CHANGE

 मैं ऐंसा ही हूँ |THE POWER OF CHANGE



POWER OF CHANGE

 दोस्तों, मैंने कई लोगो को कहते सुना है “मैं ऐसा ही हूँ “ मतलब मैं  अपने आपको नहीं बदल सकता । आपके आस पास भी ऐसे  बहुत सारे लोग होंगे, जो अपने आप को बदलने को तैयार नहीं हैं।

            ऐसे लोग शायद यह भूल जाते हैं कि बदलाव तो प्रकृति का नियम है। आप देखे इस दुनिया में हर चीज बदल रही है, हर घंटे, हर दिन, हर साल प्रत्येक चीज में बदलाव आ रहा हैं। और जब  हम इस बदलाव के साथ अपने आप को और अपनी सोच को नहीं बदल पाते तो हम पिछड़ जाते हैं ।

 लेकिन में इसे विडंबना ही कहूँगा, कि  हमारा स्वभाव हर अच्छे या बुरे  Change को आसानी से स्वीकार नहीं कर पाता, उल्टा पूरा जोर लगाता है, कि किसी भी कीमत पर बदलना ना पड़े। अधिकतर लोग इस प्रवृति के कारण अपने  Comfort zone से बाहर नहीं निकल पाते और पिछड़ जाते हैं, या फिर ऐसी परिस्थितियों का इंतज़ार करते हैं जो उन्हें बदल दे, पर इससे काफी तकलीफ होती हैं। आइये, देखते हैं हमारे जीवन के कुछ important बदलाव के examples जिनसे यह स्वभाव clear झलकता है।

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1. याद है जब भारत में कंप्यूटर आया था । तब Employee unions ने विरोध किया था, काले झंडे दिखाए थे, और कहा था इससे unemployment बढ़ेगा परंतु क्या हुआ, वो सब लोग गलत साबित हुए।  मैं  आपसे पूछना चाहता हूँ कि computer आने से रोजगार बढ़े या घटे ?
2. Mobile Phones, क्या कहा जाता था आज से दस साल पहले इसकी क्या जरुरत हैं, बड़े लोगों के शौक है और आज, क्या आप बिना मोबाइल के रह सकते है, शायद नहीं?
3. ATM card कभी सोचा था कि सारी बैंक आपकी पाकेट मे होगी । डर लगता था use करने में और आज?
4. Mineral Water पहली कंपनी को यहाँ Investors नहीं मिले थे। और कहा गया था, कि भारत में पानी नही बिक सकता, परंतु आज सभी के हाँथ में पानी की बोतल होती हैं।
5. छोटी सी किराना दुकान से सुपर बाजार और सुपर बाजार से मॉल और अब e-commerce (online shopping) सोचो, हैं न कमाल का change.




दोस्तों , ऐसे अनगिनत Examples हैं। ! परिवर्तन प्रकृति का नियम है जो होकर रहेगा ,जो लोग अपने आप को इस नियम के अनुसार नहीं बदल पाते और कहते है “मै ऐसा ही हूँ” , वो या तो Out-dated हो जाते है या फ़िर  दकियानूसी कहलाते हैं जिसे युवा पीढ़ी स्वीकार नहीं करती, या Dinosaurs की तरह विलुप्त हो जातें हैं । मतलब बदलना तो पड़ेगा “।   

 जो लोग अपने आप को बदलने को तैयार नहीं होते  , वो इस तेज़ी से बदलती दुनिया में dinosaurs कि तरह बिलुप्त हो जातें हैं ।

 दोस्तों दुनिया के  बदलने  से पहले अपने आप को बदल डालो ,अपग्रेड Yourself , Sharpen your skills  और याद रखो यह एक  Continuous Process है, हमेशा तैयार रहें ।

अवश्य पढ़े : दिमाग की ख़ुराक | Fuel For Thoughts 

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19 thoughts on “मैं ऐंसा ही हूँ |THE POWER OF CHANGE

  1. thnk u sir g mai apka har post pdhti hu.bahot motivation milta h hme

  2. Zabardast sir…. acha lga

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