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Henry Ford Hindi Inspirational Story Hindi Inspirational Story 

Henry Ford Hindi Inspirational Story

Henry Ford Hindi Inspirational Story 
 

Henry Ford Hindi Inspirational Story

दोस्तों, अगर सफलता की राह आसान होती तो दुनियाभर के सभी लोग सफल हो जाते | दिक्कत यह है, कि सफलता की राह आसान नहीं है, यह तो एक बाधा दौड़ है | सफलता पाने के लिए बहुत सारी मुश्किलें झेलनी पड़ती है | बहुत से त्याग करने पड़ते हैं और तमाम निराशा के बावजूद सकारात्मक मानसिकता रखनी पड़ती है|

Henry Ford का नाम इतिहास में अमर है | कारों को लोकप्रिय बनाने में उनका बहुत ही बड़ा योगदान रहा है |

उनका शुरुआती जीवन गरीबी और मुश्किलों के बीच हिचकोले खा रहा था, बे गरीब परिवार में पैदा हुए थे| 16 साल की उम्र में उन्होंने स्कूल छोड़ दिया और जेम्स फ्लावर कंपनी में मशीन सुधारने का काम करने लगे | जरा सोचिए 16 साल का लड़का दिन भर काम करने के बाद भी आधी रात तक काम करता था |इतना काम तो वयस्क लोग भी नहीं करते हैं|

वहरहाल, हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि “कठोर परिश्रम की आदत सफलता दिलाने में बहुत सहायक सिद्ध होती है और यह आदत जितनी जल्दी पढ़ जाए उतना ही अच्छा रहता है|”

Henry Ford में महत्वकांक्षा और मेहनत करने का गुण भी था, जो एक गजब का तालमेल है| किशोरावस्था में ही उन्होंने दिन रात कठोर मेहनत करने की आदत डाल ली थी, बाद में यह आदत उनके बहुत काम आई।

Failure is simply the opportunity to begin again,

this time more intelligently   ………. Henry Ford

मुश्किलों के प्रति Henry Ford का क्या दृष्टिकोण था, इसका एक उदाहरण देखें :

Henry Ford Hindi Inspirational Story

एक बार हेनरी फोर्ड एक ऐसा इंजन बनाना चाहते थे, जिस के आठों सिलेंडर एक ही ब्लॉक में हों| उन्होंने अपने इंजीनियरों को बुलाया | इंजीनियरों ने उनसे कहा कि यह असंभव, है लेकिन Henry Ford टस से मस नहीं हुए| उन्होंने इंजीनियरों से कहा कि संभव हो या असंभव, यह काम हर हाल में करना ही है| मन मारकर इंजीनियरों ने 1 साल तक मेहनत की, लेकिन वे सफल नहीं हुए| 1 साल बाद जब इंजीनियरों ने Henry Ford को बताया, कि उन्हें ना तो कामयाबी मिली है, ना इसकी कोई उम्मीद है| तब भी Henry Ford का हौसला पस्त नहीं हुआ, उन्होंने मुस्कुराकर अपने इंजीनियरों से कहा कि वे इस काम में तब तक जुटे रहें जब तक कि कामयाब ना हो जाए |

आखिरकार एक दिन इंजीनियर वी 8 मोटर इंजन बनाने में सफल हो गए, जिसकी बदौलत उन्होंने कार जगत में तहलका मचा दिया|

असंभव शब्द Henry Ford के शब्दकोश में नहीं था, इसी वजह से उन्हें यह इंजन बनाने में सफलता मिली| जिनके शब्दकोश में असंभव शब्द नहीं होता, वे असंभव को भी संभव कर दिखाते हैं|

 Henry Ford का जीवन, उस व्यक्ति की मुश्किलों से लड़ने के जज्बे और हौसले का उदाहरण है, जिसने मुश्किलों के बाद भी हार मानने से इनकार कर दिया और आसमान की बुलंदियों को छुआ |

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